Friday, 16 February 2018

आप अपने घुटने दर्द से परेशान

अपने घुटने कभी मत बदलिये 

सर्वप्रथम कब्जियत व शरीर से विजातीय तत्व को बाहर करने हेतु कार्य करें व कैलसियम की पूर्ति हेतु कार्य करे

50 साल के बाद धीरे-धीरे शरिर के जोडों मे से लुब्रीकेन्टस एवं केल्शियम बनना कम हो जाता है। जिस के कारण जोडों का दर्द गैप, केल्शियम की कमी, वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आते है, जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट रिप्लेस करने की सलाह देते है, 
तो कई आर्थिक रुप से सधन लोग यह मानते है की हमारे पास तो बहोत पैसे है 
तो घुटनां चेंज करवा लेते है।
 किंतु क्या आपको पता है जो चिज कुदरत ने हमे दी है, 
वो आधुनिक विग्यान या तो कोइ भी सायन्स नही बनां सकती। 
आप कृत्रीम जॉइन्ट फिट करवा कर थोडे समय २-४ साल तक ठिक हो सकते है। 
लेकिन बाद मे आपको बहोत ही तकलिफ होगी। 
जॉइन्ट रिप्लेसमेंट का सटिक इलाज आज मे आपको बता रहा हू 
वो आप नोट कर लिजिये, और हां ऐसे हजारो जरुरतमंद लोगो तक पहुचाये जो रिप्लेसमेंट के लाखो रुपये खर्च करने मे असमर्थ है।  

*बबूल* नामके वृक्ष को आपने जरुर देखा होगा। 
यह भारतमे हर जगह बिनां लगाये ही अपने आप खडा हो जातां है, जो बिना लगाए लगता है वो औषधि जिसे लागते हैं वो भोजन।
 यह बबूल नामका वृक्ष अमेरिका या तो विदेशाे मे इतनी माञा मे होतां तो आज वही लोग इनकी दवाइ बनाकर हमसे हजारो रुपये लुटते। लेकिन भारत के लोगो को जो चिज मुफ्त मे मिलती है उनकी कोइ कदर नही है। 
प्रयोग इस प्रकार करनां है 
*बबूल* के पेड पर जो *फली ( फल)* आती है उसको तोडकर लाये, अथवा तो आपको शहर मे नही मिल रहे तो कीसी गांव जाये वहा जितने चाहिये उतने मिल जायेगें, उसको सुखाकर पाउडर बनाले। 
और *सुबह १ चम्मच* की मात्रा मे गुनगुने पानी से खाने के बाद, केवल 2-3 महिने सेवन करने से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल ठीक हो जायेगा। 

दूसरा :- 

हरसिंगार, पारिजात,रातरानी, शेफालिका,शिवली,मल्लिका,स्वर्ण मल्लिका 

यह एक दिव्य वृक्ष है,पुराणों के आधार पर ये पौधा भगवान श्री कृष्ण अपने साथ लाये थे इसके पुष्प से श्री हरि का श्रृंगार किया जाता है इस लिए इसे हरसिंगार कहा जाता है। यह इच्छा पूर्ति वृक्ष है साथ ही ये प्रेम का वृक्ष है। हरिवंश पुराण के अनुसार पारिजात नाम की राजकुमारी को सूर्य देव से प्रेम हुया व प्रेम स्वीकृत न होने पर प्राण त्याग दी जिस स्थान पर राजकुमारी का अंतिम संस्कार हुया वँहा इस दिव्य वृक्ष की उतपत्ति हुई जो सिर्फ रात को ही पुष्प खिलते हैं व सुबह जमीन पर गिरे मिलते हैं इसलिये इसे पारिजात नाम से जाना जाता है।
यह वृक्ष औषधि गुणों से परिपूर्ण है।

सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में सबसे क्षारीय है

इसके पत्तों का जूस :-रक्त शुद्धि,मधुमेह,पाचनशक्ति, मलेरिया,अन्य बुखार, में रामबाण है।
पत्तो का लेप :- घाव, अस्थिभंग,चर्म रोग
तनाव :- इसके पुष्प की सूंघना
सुखी खाँसी :- पत्तो का रस शहद के साथ
बवासिर:- इसके बीज का चूर्ण पानी के साथ
बाल की हर समस्या :- फूलों का रस पीना
सूजन को कम करे:-  पुष्प का लेप
गठिया  :- पुष्प,तना, पत्तो का मिश्रित रस का सेवन
महिलाओं की मासिकधर्म की सभी समस्या:- इसके पुष्प की कली व काली मिर्च का सेवन

जब घुटने बदलने की नौबत आये तो विनती है एक बार इस दिव्य औषधी का उपयोग जरूर करें

5 6 पत्ते की चटनी रात को एक गिलास पानी मे उबाले जब पानी आधा रह जाये तो ढक कर रख दे सुबह इसे खाली पेट पिये बिना छाने 3 महीना लगातार करें अदभुत परिणाम है।
सम्भव हो तो इसके इस काढ़े बनाने की प्रक्रिया में पानी की जगह गौमूत्र का उपयोग करें व सुबह ही बनाये ताजे देशी गौमूत्र से
 अतिअद्भूत परिणाम है।

घुटनों का दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है और यह आपको चलने-फिरने में भी असमर्थ कर देता है। यदि आपका वजन अधिक हो या आप वृद्धावस्था में हों तो घुटनों का दर्द और भी तकलीफदेह हो जाता है। यह बात कम ही लोग जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों की मदद से घुटनों के दर्द की इस तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है। जी हाँ ! यदि आप निम्नलिखित कारणों से घुटनों के दर्द से पीड़ित है...घुटनों की माँसपेशियो में खून का दौरा सही नहीं होना।घुटनों की माँसपेशियो में खिंचाव या तनाव होना।माँसपेशियो में किसी भी तरह की चोट का प्रभाव व  वृद्धावस्था।

नीचे बताई गयी सामग्री को मिला कर हल्दी का एक दर्द निवारक पेस्ट बना लीजिये :
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच पीसी हुई चीनी, या बूरा या शहद
1 चुटकी चूना (जो पान में लगा कर खाया जाता है) और आवश्यकतानुसार पानी।

प्रयोग विधि : इन सभी को अच्छी तरह मिला लीजिये। एक लाल रंग का गाढ़ा पेस्ट बन जाएगा। सोने से पहले यह पेस्ट अपने घुटनों पे लगाइए। इसे सारी रात घुटनों पे लगा रहने दीजिये। सुबह साधारण पानी से धो लीजिये। कुछ दिनों तक प्रतिदिन इसका इस्तेमाल करने से सूजन, खिंचाव, चोट आदि के कारण होने वाला घुटनों का दर्द पूरी तरह ठीक हो जाएगा।

घुटनों का दर्द – उपाय : 21 छोटा चम्मच सोंठ का पाउडर लीजिये और इसमें थोडा सरसों का तेल मिलाइए। इसे अच्छी तरह मिला कर गाड़ा पेस्ट बना लीजिये। इसे अपने घुटनों पर मलिए। इसका प्रयोग आप दिन या रात कभी भी कर सकते हैं। कुछ घंटों बाद इसे धो लीजिये। यह प्रयोग करने से आपको घुटनों के दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

घुटनों का दर्द – उपाय : 3
4-5 बादाम,5 6 काली मिर्च,10 मुनक्का,5 6 अखरोट प्रतिदिन सुबह खाये

खजूर विटामिन ए, बी, सी, आयरन व फोस्फोरस का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है. इसलिए, खजूर घुटनों के दर्द सहित सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द के लिए बहुत असरकारक है.

प्रयोग प्रयोग : एक कप पानी में 7-8 खजूर रात भर भिगोयें। सुबह खाली पेट ये खजूर खाएं और जिस पानी में खजूर भिगोये थे, वो पानी भी पीयें। ऐसा करने से घुटनों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, और घुटनों के दर्द में बहुत लाभ मिलता है।

नारियल भी घुटनों के दर्द के लिए बहुत अच्छी औषधी है। रोजाना सूखा नारियल खाएं। नारियल का दूध पीयें। घुटनों पर दिन में दो बार नारियल के तेल की मालिश करें इससे घुटनों के दर्द में अद्भुत लाभ होता है। 

दर्दनिवारक तेल :- 
दर्दनिवारक  तेल बनाने की विधि
500ml तिल का तेल या सरसो तेल
100gram लहसुन की कली
50 ग्राम सौठ 
25 ग्राम कच्चा कपूर
15 ग्राम पीपरमेंट
अजवायन 2 चम्मच
मेथी 2 चम्मच
लौंग 15 20
दालचीनी 25 ग्राम
सफेद प्याज 1
गौमुत्र 100 ml या गौ अर्क 20ml
बड़ी इलायची 2 pcs
जवन्तरि  10 ग्राम
सबसे पहले धीमी आंच पर तेल में सभी का पाउडर बनाकर या पेस्ट बनाकर डालकर गर्म करें गर्म होते होते झाग व बुलबुले बनने बन्द हो जाएंगे तो आग को तेज करे जब सभी सुनहरे या काले रंग को हो तो आग बन्द कर दे इस बीच मे चलाते रहे । अब कपूर व पीपरमेंट डालकर खूब घोल दे अब छान कर कांच की शीशी में रखे व दर्द होने पर इस्तेमाल करें।
बाजार से शुद्ध व उत्तम कोटि का तेल ।
इस्तेमाल व शेयर करे  साथ ही उपयोग के बाद अनुभव शेयर करें स्वस्थ व समृद्ध भारत निमार्ण हेतु
एक आयुर्वेदिक दर्दनिवारक तेल बनाने का ज्ञान


आपको घुटने बदलने की जरुरत नही पडेगी। 

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